पिनहोल कैमरा

पिनहोल कैमरा प्रकाश के गति के नियम को दर्शाता हुआ बिना लेंस का कैमरा है । इसे बनाना बहुत आसान है । इसका उपयोग अपने स्कूल प्रोजेक्ट या विज्ञान प्रदर्शनी हेतु कर सकते है । पिनहोल कैमरा में एपर्चर के रूप में एक छोटा छिद्र होता है । प्रकाश किरण इस छिद्र के माध्यम से प्रवेश करता है और पीछे पर्दे पर उल्टा प्रतिबिंब बनाता है ।

अरब के भौतिक विद्वान इब्न अल-हेथम ने पिनहोल कैमरा के प्रदर्शन व प्रभाव के संबंध में सर्वप्रथम वर्णन किया ।

कार्य सिध्दान्त –

पिनहोल कैमरा प्रकाश के एक रेखा में गति करने के सिध्दान्त पर कार्य करती है, वस्तु से होकर प्रकाश किरण पिनहोल कैमरे के छिद्र में से अंधेरे बाक्स में प्रवेश करती है । छिद्र का आकार बहुत छोटा होता है । एक आदर्श छवि प्राप्त करने के लिए, पिनहोल का व्यास 0.236 मिमी होना चाहिए ।

पिनहोल कैमरा का उपयोग –

  1. खगोलीय घटना जैसे सूर्य ग्रहण के वास्तविक छबि को पारभाषी पर्दे पर प्राप्त कर अवलोकन करते है, छबि पारभाषी पर्दे पर बनती है इसलिए यह सूर्य ग्रहण के अवलोकन हेतु एक सुरक्षित उपाय है ।
  2. लंबी अवधि तक सूर्य की गति की गणना व अध्ययन में पिनहोल कैमरे का उपयोग किया जाता है ।
  3. प्रकाशिकी के अध्ययन हेतु स्कूलों में पिनहोल कैमरे का उपयोग किया जाता है ।
  4. विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र से प्रभावित नही हाेता है जिस कारण इसका पता लगा पाना कठिन होता है एतैव इसे जासुसी के उदेश्य से निगरानी के उपयोग में भी लाते है ।

पिनहोल कैमरा निर्माण –

हमे चाहिए :

  1. ड्राईंग शीट (काले रंग की) ए4 साईज – एक नग
  2. ट्रेसिंग पेपर ए4 साईज – एक नग
  3. काॅच की चूड़ियाॅ 3 नग (दो बराबर साईज की और एक 1-2mm बड़ी साईज की )
  4. फेवीकोल या ग्लूगन
  5. कैंची
  6. डिवाईडर
  7. पेेन्सिल आदि

कैसे बनाए How to make :

स्टेप

1. ड्राईंंगशीट में चूड़ियों के साईज् का दो वृत्त (सर्कल) बना लेते है । इसी प्रकार ट्रेसिंग पेपर से भी चूड़ी की साईज की एक वृत्त बना लेते है ।

2. अब तीनोंं वृत्त (सर्कल) को कैंची से काट लेते है ।

3. अब ड्राईंगशीट से एक पतली पटटी काट लेते है और इसकी सहायता से बड़ी चूड़ी की परिधि को माप लेते है ।

4. ड्राईंंग पेपर के लंबाई में परिधि की माप की लंंबाई पर चिन्ह लगाकर एक लाईन बना लेते है ।

5. पहली लाईन से 1 से.मी. बढ़ाकर पुन: लाईन खीच लेते है और इस दूसरी लाईन को काट लेते है ।

6. अब ड्राईग पेपर को रोल करते है और ध्यानपूर्वक पहली लाईन के बाहर की ओर फेवीकोल लगाते है ।

7. ध्यानपूर्वक सिलेड्रिकल शेप बनाते है जिसके दोनो छोर के वृत्तो की परिधि बड़ी़ चॅूड़ी़ की साईज की होती है ।

8. यह हमारे पिनहाेल कैमरे का बाहरी बेलन (सिलेंडर) है इसके एक ओर बड़ी़ साईज वाली चूड़ी़ को लगा देते है और फेवीकोल लगाकर काटे गये वृत्त को चिपका देते है अब थोड़ा सुखने पर वृत्त के मध्य में डिवाइडर की सहायता से बारीक छेद कर देते है । यह कैमरा का बाहरी भाग बन कर तैयार है ।

9. कैमरे के आंतरिक बेलनाकार भाग बनाते है, इसके लिए शेष चूड़ी की परिधि के माप लेकर पूर्व की भॉति बेलनाकार आकृति बना लेते है और दोनो ओर चूड़ियों को फिक्स कर देते है एक ओर ट्रे्सिंग पेपर का वृत्त और दूसरी ओर ब्लैक ड्राईग पेपर का वृत्त लगा देते है । ड्राईग पेपर वाले वृत्त में मध्य में पेन्सिल की सहायता से बड़ा छेद बनाते है ।

10. अब बाहरी बेलनाकार भाग में आंतरिक दुसरे बेलनाकार भाग को डाल देते है । हमारा पिनहोल कैमरा तैयार है ।

11. वस्तु की ओर पिनहाेल (सूक्ष्म छिद्र) को लक्ष्य कर दूसरी ओर पेन्सिल से बनाये बड़े़े होल से देखते है । हमे मध्य के पारभाषी पेपर में उल्टी छबि प्राप्त होती है ।

संबधित विडियो देखे –

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